https://tarunchhattisgarh.in/wp-content/uploads/2024/03/1-2.jpg
छत्तीसगढ़

5 स्कूलों के कपाट बंद मिले,34 शिक्षक गैरहाजिर

बीजापुर। बीजापुर जिले में शिक्षा गुणवत्ता के लक्ष्य को लेकर हो रही लगातार मॉनिटरिंग के बीच शनिवार सुबह भोपालपटनम ब्लॉक के मद्देड, संगनपल्ली, गिलगिच्चा, कोंगुपल्ली, पामगल, उसकालेड़, भट्टीगुड़ा गांव के 13 स्कूलों के निरीक्षण में 06 स्कूलों में ताले लटके मिले वहीं इन स्कूलों में 34 शिक्षक अनुपस्थित पाये गए। निरीक्षण दल में जिला शिक्षा अधिकारी, श्री बी.आर. बघेल, एडीपीओ एम.व्ही. राव, एपीसी मो. जाकिर खान एवं वेंकटरमन ऐटला शामिल थे।
शनिवार की सुबह प्रात:कालीन स्कूल के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.आर. बघेल के नेतृत्व में शिक्षा विभाग की टीम ने 13 स्कूलों में दबिश दी। स्वामी आत्मानन्द हिन्दी माध्यम स्कूल मद्देड में निरीक्षण के दौरान ताला लटका पाया गया वहां 01 मात्र भृत्य उपस्थित था जो अपने प्राचार्य और शिक्षकों के इंतजार में उपस्थित था। इस संस्था से प्रभारी प्राचार्य पवन सोनी सहित 06 व्याख्याता टी. नागेश्वर राव, बसंती गुमड़ी, रामस्वरूप निर्मलकर, वासम विजय, मिथेलेश कुमार, राजेश्वरी देवांगन अनुपस्थित रहे। प्राथमिक शाला संगनपल्ली एवं माध्यमिक शाला संगनपल्ली के स्कूलों में ताला बंद की स्थिति रही। यहां पदस्थ पाँचों शिक्षक टी. नवीन कुमार, मिच्चा सुकराम, सरिता मट्टी, बी. नागलक्ष्मी, लक्ष्मीकांता गैर हाजिर पाये गए। प्राथमिक शाला कोंगुपल्ली, प्राथमिक शाला भट्टीगुड़ा निरीक्षण के दौरान बंद मिले यहां बच्चे शिक्षकों की राह तकते रहे और शिक्षक रौनम्मा बड़दी, रविंद्र कुमार वर्मा, शान्ता दानम कर्तव्य से नदारद थे। बालक आश्रम पामगल में 71 बच्चों में से 46 बच्चे उपस्थित मिले लेकिन संस्था में अधीक्षक आलोक पुलसे सहित शिक्षक रविंद्र मोरला, मधुशुधन बंदम, उर्मिला कोड़े गैर हाजिर पाये गए। स्वामी आत्मानन्द हिन्दी माध्यम स्कूल, पामगल में पदस्थ 09 शिक्षकों में से प्रभारी प्राचार्य दुब्बा लक्ष्मैया सहित 09 व्याख्याता नरेश ध्रुव, राकेश ठाकुर, जीवनलाल साहू, श्रीराम चन्द्रवंशी, डेविड बेक, मधुशुधन राव, गणेश यालम, विजय कुमार अनुपस्थित पाये गए। संस्था में 01 शिक्षा मितान छत्रपाल धृतपाल के अलावा 90 बच्चों में महज 10 बच्चे उपस्थित रहे। प्राथमिक शाला उसकालेड़ एवं माध्यमिक शाला उसकालेड़ में समस्त शिक्षक उपस्थित पाये गए लेकिन बच्चों की उपस्थिति अत्यंत कम पायी गयी जिसके लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक शाला गिलगिच्चा जहां एकमात्र प्रधान अध्यापक देवेन्द्र गुरला पदस्थ है जो विगत 01 महीने से स्वेच्छापूर्वक स्कूल से नदारद है जिस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई । संस्था में संकूल समन्वयक द्वारा स्थानीय व्यवस्था के तहत् कु. गोटे इमला के माध्यम से अध्यापन कराया जा रहा है, जिनका कार्य संतोषजनक पाया गया। यहां 22 बच्चों में से सभी बच्चे उपस्थित पाये गए। माध्यमिक शाला गिलगिच्चा में सभी शिक्षक उपस्थित पाये गए लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम पाये जाने पर उपस्थिति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए। स्वामी आत्मानन्द अंगे्रजी माध्यम स्कूल मद्देड संचालित पाया गया किन्तु 04 शिक्षक स्मृति दुर्गम, विकास झाड़ी, नेहा श्रीवास, सांईं झाड़ी अनुपस्थित पाये गए।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एवं उनके टीम ने कक्षा संचालन, शिक्षक डायरी, मध्यान्ह भोजन, समय सारणी एवं अभिलेखों का निरीक्षण कर नियमानुसार प्रतिदिन संधारित करने के निर्देश दिए। जिन संस्थाओं में पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षण कार्य नहीं पाया गया उन संस्थाओं में अतिरिक्त प्रयास कर गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए गए। शालाओं में बागवानी के साथ साफ-सफाई व आकर्षक बनाने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा में गुणवत्ता के लिए नियमित अध्यापन जरूरी- बघेल। ??
जिले के शैक्षणिक संस्थाओं के औचक निरीक्षण की जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर बघेल ने बताया की कलेक्टर महोदय की मंशा के अनुरूप औगामी 03 महीने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना है इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा विभाग की पूरी टीम मुस्तैदी के साथ निरीक्षण की कार्यवाही लगातार करे। हमारी टीम ने आज भोपालपटनम ब्लॉक के 13 स्कूलों का निरीक्षण किया जिसमें प्रभारी प्राचार्य सहित 34 शिक्षक अनुपस्थित पाये गए। यह स्थिति शिक्षा गुणवत्ता प्रयासों के सर्वथा प्रतिकूल है जिसके चलते सभी अनुपस्पथित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है।

Related Articles

Back to top button