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छत्तीसगढ़

अंतिम वित्तीय माह : शासकीय कार्यालयों में धड़ल्ले से खरीदारी और भुगतान

शासकीय विभागों में जारी हो रहे टेंडर, कोषालयों में भुगतान के लिए बड़ी संख्या में लगाए जा रहे बिल

रायपुर। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा कड़े वित्तीय नियंत्रण के बावजूद सभी शासकीय विभागों में धड़ल्ले से खरीदारी और ठेकेदारों का भुगतान किया जा रहा है। आबंटित विभागीय मद को खर्च करने के लिए नए-नए पैंतरेबाजी की जा रही है।
राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा फरवरी के द्वितीय सप्ताह में सभी निर्माण कार्यों में संलग्न विभागों को चेकबुक जमा करने का आदेश दिया गया है। भुगतान के लिए कोषालयों में बिल जमा करने कहा गया है। सभी शासकीय विभागों में शीर्ष क्रमांक के अनुसार क्रमवार निश्चित राशि आबंटित की जाती है। इसके लिए वित्त विभाग द्वारा प्रत्येक तीन माह में आदेश जारी किया जाता है तथा निर्धारित राशि को खर्च करने कहा जाता है। लेकिन अधिकारी-कर्मचारी इसका पालन नहीं कर पाते हैं।
लोक निर्माण, सिंचाई एवं पंचायत में ठेकेदारों को धड़ल्ले से भुगतान
राज्य में विभिन्न निर्माण कार्य करने वाले लोक निर्माण, सिंचाई विभाग एवं नगर निगम के ठेकेदारों को कहा गया है कि वे अपना बिल बनाकर प्रस्तुत करें। अंतिम वित्तीय माह होने के कारण भुगतान को लेकर सभी सक्रिय हो गए हैं। वित्त विभाग से अंतिम अनुमोदन लेकर भुगतान किया जा रहा है। नया बजट विधानसभा में पारित होने के पश्चात एक अप्रैल को आबंटित होता है। इसलिए 31 मार्च के पहले जितनी राशि निकालनी होती है उतनी राशि निकाल ली जाती है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास में बड़ी संख्या में ठेकेदार पंजीकृत हैं। इन ठेकेदारों को भुगतान के लिए एक प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। राज्य के कोषालय निदेशक के अनुसार सभी जिला कोषालयों में बड़ी संख्या में बिल जमा कराए जा रहे हैं। ताकि इनका भुगतान 31 मार्च के पूर्व किया जा सके। लोक निर्माण तथा सिंचाई विभाग में भी यही स्थिति है। नगर निगम के ठेकेदार आयुक्त से लेकर जोन कमिश्नर तक चक्कर काट रहे हैं।
निगम में जारी हो रहे टेंडर
नगर निगम के विभिन्न जोन कमिश्नरों द्वारा सड़क, नाली, सामुदायिक भवन तथा अन्य निर्माण कार्यों का टेंडर जारी किया जा रहा है ताकि काम समय पर पूरा हो सके। बरसात एवं गर्मी को देखते हुए क्रॉस नाला बनाने का टेंडर अलग-अलग जोन में जारी किया गया है। कलेक्टोरेट तथा अन्य विभागों में भी वाहन मरम्मत, सजावट सहित अन्य कार्यों की खरीदारी के लिए बिल बनाए जा रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार 31 मार्च से पहले करोड़ों के बिल का भुगतान किया जा सकता है। किसानों को बोनस राशि, सम्मान निधि एवं महतारी वंदन योजना की भी राशि का भुगतान किया जा रहा है। भाजपा के घोषणा पत्र के अनुसार अनेक महत्वपूर्ण घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
विभिन्न विश्वविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की राशि आहरित की जा रही है। वित्त सचिव के समक्ष इस समय अनेक बड़ी परियोजनाओं के भुगतान को लेकर बिल भेजे जा रहे हैं। वित्त मंत्री अपना बजट भाषण तैयार कर रहे हैं। रायपुर में शारदा चौक से लेकर तात्यापारा चौक तक चौड़ीकरण, उद्योग भवन के पास ओवर ब्रिज के निर्माण को भी स्वीकृति मिलने की संभावना है।

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