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छत्तीसगढ़

सकारात्मक बदलाव की गवाही दे रहे अंदरूनी क्षेत्रों में बने भवन

बीजापुर । सरकार के ४ साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज के दिन यानी १७ दिसंबर को छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसा होना भी चाहिए चूंकि जिला बीजापुर माओवाद से प्रभावित जिला होने के बावजूद विकास के नए मापदंड तय कर रहा है। विगत ४ साल में जिला प्रशासन ने सरकार की मंशानुरूप अंदरूनी क्षेत्रों में ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ठोस रणनीति और मजबूत इरादे के साथ शासकीय योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में सफलता अर्जित की है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, चूंकि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली आंतक के कारण शासकीय योजनाओं का संचालन नहीं हो पा रहा था। उन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्तमान में नवनिर्मित सुंदर, सुसज्जित आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकान और पंचायत भवन बुलंदी से खड़े होकर जिले की परिस्थितियों में आये साकारात्मक बदलाव की गवाही दे रहे हैं। पंचायत विभाग की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के साथ १५वाँ वित्त आयोग, और अन्य विभागीय मद जैसे महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला खनिज न्यास निधि की राशि के तालमेल ने क्षेत्र में बदलाव की नींव रखी है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रवि साहू ने बताया कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं एवं मांग अनुसार प्राथमिकता से आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकान, पंचायत भवन स्वीकृत कर पूर्ण किये गए हैं। पंचायत विभाग के कर्मचारी कठिनतम परिस्थितियों में दुर्गम क्षेत्रों में निर्माण सामग्री पहुंचाकर निर्माण कार्य को पूर्ण कराने में महती भूमिका निभा रहे हैं।
जिले में विगत ४ सालों में कुल ७० नवीन आंगनबाड़ी भवन, २५ उचित मूल्य की दुकान और ७ पंचायत भवन बनकर तैयार हैं। जिनकी कुल लागत राषि ७ करोड ८० लाख रूपये हैं। मर्रामेटा, सण्ड्रा, एडापल्ली, कडेर, तर्रेम, लिंगागिरी, चिपुरभट्टी, मल्लेपल्ली, जैगूर जैसी ग्राम पंचायतों में जहां पहले ग्रामीणों को सोसायटी से चांवल लाने के लिए कई किलोमीटर की पदयात्रा करनी पड़ती थी उन क्षेत्रों में उचित मूल्य की दुकान का संचालन हो रहा है, वहीं आंगनबाडिय़ों में पौष्टिक आहार व अक्षर ज्ञान प्राप्त कर हुष्ट-पुष्ट व स्वस्थ्य नव-निहालों की एक नई पौध तैयार होंगी। वहीं पंचायत भवन बन जाने से पंचायतों के कार्य के सुचारू संचालन व शासकीय योजनओं के क्रियान्वयन में सहुलियत हो रही है।
तकनीकी सहायक तोरन लाल उवर्षा ने बताया कि पहले इन क्षेत्रों में कार्य कराया जाना कठिन था किंतु अब ग्रामीण अब जागरूक होकर स्वयं विकास कार्यों की मांग कर रहे हैं, ताकि मूलभूत आवश्कताओं के साथ जीवन स्तर ऊंचा हो सके।
ग्राम पंचायत तोड़का के सचिव राजेश पुजारी ने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों जैसे तोड़का, कडेर, कैका, पदमूर में निर्माण सामग्री पहुंचाकर कार्य प्रारंभ करवाना कठिन था, इन दुर्गम क्षेत्र में कार्य कराये जा रहे हैं। ग्रामीण निर्माण होते कार्यों को देखकर प्रसन्न है।
इन भवनों की स्वीकृति राशि प्रतिनग आंगनबाड़ी भवन की कुल स्वीकृत राशि ८ लाख ४० हजार रूपये एवं उचित मूल्य की दुकान की कुल स्वीकृत राशि १२ लाख ५० हजार रूपये एवं पंचायत भवन की कुल स्वीकृत राषि १९ लाख १३ हजार रूपये हैं।

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