https://tarunchhattisgarh.in/wp-content/uploads/2024/03/1-2.jpg
छत्तीसगढ़

दुपहिया के स्वरूप को बदलकर बाइकर्स बने नागरिकों के लिए परेशानी

पत्थलगांव । शहर की गलियों मे इन दिनो दुपहिया वाहन मे चलने वाले बाईकर्स का आतंक छाया हुआ है। आम आदमीयों के लिए ये चालक परेशानी का सबब बन चुके है,इधर पुलिस उनके आतंक से पूरी तरह अनभिज्ञ बनी हुयी है,यही कारण है कि दिन प्रतिदिन उनके हौंसले बुलंद होते जा रहे है,अब हालात इतने बिगड चुके है कि प्रारूप बदलकर चलने वाली दुपहिया वाहन के चालक आम आदमीयों के बगल मे आकर सायलेंसर से फटाखे जैसी आवाज निकालकर लोगो को भयभीत करने लगे है,पुलिस की इन पर मेहरबानी आम आदमीयों की समझ से परे हो चुकी है। सुबह हो या शाम स्वरूप बदलकर दुपहिया वाहन दौडाने वाले युवक अपने शौंक के आगे लोगो की परेशानी को बिल्कुल दरकिनार कर दिये है,इन दिनो शहर मे दो दर्जन से भी अधिक बुलेट एवं अन्य नामचिन कंपनीयों की ऐसी दुपहिया वाहन है जिनका स्वरूप को बदलकर तेज ध्वनि से उन्हे सडको पर दौडाया जा रहा है। ऐसे मे इन वाहनो से बच्चे एवं महिलाओ की दुर्घटना काफी बढ चुकी है,दो दिन पहले ऐसी ही एक बाईक के चपेट मे एक दंपत्ति आ गये, उन्होने मामूली विवाद के बाद तेज गति से दौडाने वाले दुपहिया वाहन के चालको को जाने दिया,इस दौरान हुयी दुर्घटना मे दंपत्ति के हाथ पैर मे चोटे लगी थी। दूसरी जगह के रहने के कारण उन्होने थाना जाना मुनासिब नही समझा,वैसे भी थाना पहुंचकर आम आदमीयों की शिकायत दर्ज ना करने मे यहा का थाना हमेंशा से बदनाम हो चुका है। प्रार्थी यहा पहुंचकर अपनी शिकायत बगैर दर्ज कराये ही वापस लौट जाते है,ऐसे मे घायल दंपत्ति को भी थाना जाना उचित नही लगा। उसके विपरीत ऐसे दुपहिया वाहन चालक शहर मे एक के बाद एक आतंक के पायदान पर आगे बढते चले जा रहे है। कुछ युवको द्वारा बुलेट के सायलेंस से छेडखानी कर रखी है ।
तो कुछ युवको द्वारा अन्य कंपनीयों की दुपहिया वाहन के अन्य पार्टस बदलकर तेज ध्वनि निकाल शहर की सडको को फटाखो की आवाज से दहला रहे है।।
क्या कहता है नियम-:किसी भी वाहन का चालक वाहन की मूलसरंचना से छेडखानी नही कर सकता,ऐसा करने पर यातायात नियमो के तहत जुर्माना या कठोर दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान है। यातायात विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वाहन की मूलसरंचना से छेडखानी करने पर चालक के खिलाफ धारा 190/2 के तहत जुर्माना एवं दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान तय किया गया है,उसके अलावा ऐसे चालको पर यातायात नियम के तहत विभिन्न धाराओ मे वाहन की जप्ती एवं जुर्माना वसूल किया जा सकता है।।
दुकानदार व मैकेनिक भी दोष के दायरे मे-:शहर मे मोटर पार्टस बेचने की अनेक दुकान है,इन दुकानो मे स्वरूप बदलने वाले सायलेंसर के अलावा अन्य पार्टस आसानी से उपलब्ध हो जाते है। यातायात प्रभारी सुबेदार सौरभ चंद्राकर ने बताया कि यदि किसी भी वाहन का स्वरूप बदलने वाले मोटर पार्टस या अन्य सामान कोई दुकानदार बेचता या कोई मैकेनिक उसे बदलने का जिम्मेदार साबित होता है तो उस पर ध्वनि नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्यवाही का कठोर प्रावधान निर्धारित है। उन्होने स्वरूप बदली कर पार्टस बेचने वाले दुकानदार एवं उसे बदली करने वाले मैकेनिको को ऐसा अपराध ना करने की हिदायत दी है।।
–किसी भी वाहन की मूलसरंचना से छेडखानी करना कानूनन अपराध है,यातायात नियमो के तहत विभिन्न धाराओ मे अपराध पंजीबद्ध कर वाहन की जप्ती एवं जुर्माना लगाया जा सकता है।
सौरभ चंद्राकर-सुबेदार यातायात प्रभारी-जशपुर

Related Articles

Back to top button