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छत्तीसगढ़

धनोरा दरबार में आज से जल उठेगी आस्था की ज्योति

उतई । बाबा दरबार पावन धाम धनोरा दुर्ग में चैत्र एवं कुंवर दोनों नवरात्रि में भक्तों द्वारा मनोकामना ज्योति जलवाते है यहां पर आज दोपहर 12 बजे दरबार के श्री लक्ष्मण बाबा जी एवं पंडित विनय शर्मा के द्वारा विधी विधान एवं मंत्र उच्चारण के साथ पुजा पाठ कर के घटस्थापना करके फिर ज्योति कलश प्रज्वलित किया जाएगा एवं 13 अप्रेल शनिवार को पंचमी सिगार माता जी का किया जाएगा 16 अप्रैल शनिवार को महाअष्टमी हवन का कार्यक्रम शाम 4 बजे से एवं कन्या भोज एवं 17 अप्रैल को शाम 4 बजे से ज्योति विसर्जन शोभायात्रा जो कि दरबार से शुरू होकर बाजार चौक मेन गली भ्रमण करते शितला तालाब पहुंच कर विसर्जन किया जाएगा। एवं हर रोज रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक माता सेवा गुलाब साहू एवं हेमंत तेली के मंडली द्वारा हनुमान प्रकटत्सौव के पावन पर्व इस साल भी बढ़े धुम धाम से मनाने का निर्णय लिया गया है 22 अप्रैल को मानस गान गाढ़ा गाढ़ा जोहार के गायक हिरेश सिन्हा जितेशवरि सिन्हा के द्वारा मानस गान एवं 23 अप्रैल को शाम 4 बजे से भव्य झांकी के एवं जय बजरंग अखाड़ा मंडली के कलाकारों के द्वारा गली भ्रमण शोभा यात्रा का कार्यक्रम होगा यह जानकारी दरबार प्रति निधि चंद्र कांत कोसरे जी एवं कुंज लाल साहू जी ने दी ।
नवरात्रि पर मां दुर्गा की छत्तीसगढ़ी स्वरूप में पेंटिंग बनाने का कार्य
भिलाई, 9 अप्रैल। नवरात्रि पर मां दुर्गा को छत्तीसगढ़ी स्वरूप में पेंटिंग करने का काम प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस.विद्यार्थी ने किया है। वर्तमान में वे गीता के 700 श्लोकों पर पेंटिंग बना रहे हैं। दुर्गा माता का छत्तीसगढ़ी संस्करण करने पर समाजसेवी विमान भट्टाचार्य, रमेश भारती, प्रवीण कालमेघ, मीना देवांगन, मोहन बराल, साहित्यकार मेनका वर्मा और ललित कला अकादमी में छत्तीसगढ़ के प्रथम बोर्ड मेंबर डा. अंकुश देवांगन ने उन्हें बधाई दी है। ज्ञात हो कि चित्रकार डी.एस.विद्यार्थी समकालीन भारतीय कला जगत के एक सशक्त हस्ताक्षर हैं। वे अपने शोख-चटख रंग से सराबोर चित्रों के लिए जाने जाते हैं। माडर्न आर्ट होकर भी उनकी कला अपना अर्थ सीधे शब्दों में कह जाती है यही वजह है कि सामान्य जनमानस को बांधने में वे सफल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी उनकी कला को देखने लोग टूट पड़ते हैं। बहरहाल मां दुर्गा के छत्तीसगढ़ी परिधान युक्त इस पेंटिंग में भी उनकी यह शैली अपने पूरे चरम पर दिखती है। जहां ब्रह्मांड की वेदी पर धरती के नीले सुनहरे रंग की तरह माता की माया प्रदर्शित है। उन्होंने महर्षि कपिल मुनि के सांख्य दर्शन से प्रेरित होकर इस चित्र का निर्माण किया है। जिसके एक हाथ में पुष्पगुच्छ है जो सृजन का प्रतीक है तो दूसरे हाथ में मशाल है जो संहार को दर्शाती है। उन्होंने सिंह को भी तीन मुंह वाला बनाया है जो सत, रज, तम जैसे तीन गुणों का प्रतीक है वहीं सारे संसार में उसकी माया व्याप्त होने के कारण वह महामाया कहलाती है।
कई गांवों में रही रात भर लाइट गुल , बच्चे और पालक रहे परेशान
कवर्धा , 9 अप्रैल। सोमवार की शाम अचानक बादल काले हुए और रात होते होते बिजली गरजती रही और बारिश भी दिखी लेकिन रात भर के लाइट गुल हो जाने के कारण कई बच्चो और लोगो ने बस में कहा की इतनी लाइट गुल क्यू होती है । कुछ बच्चो ने कहा की मौसम खराब था इसलिए लाइट गुल हुआ और कुछ बच्चो ने कहा की लेकिन रात भर लाइट गुल होने से हम होमवर्क नही कर पाए । सुबह सुबह 7 बजे कुछ गांवो में लाइट आई और लोग पानी भी घर के लिए भर पाए । मोबाइल की बैटरी भी कम हो गई थी लेकिन लाइट ना होने के कारण मोबाइल स्विच ऑफ से भी परेशान दिखे । कई गांवों में सुबह 7 बजे के बाद बिजली सुबह से आने के बाद लोगो में मुस्कराहट दिखी ।
आईटीआई खरसिया में एसटीसी प्रमाण-पत्र उपलब्ध
रायगढ़, 9 अप्रैल। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था खरसिया, जिला-रायगढ़ में प्रशिक्षण सत्र 2005 से 2008 तक के व्यवसाय-फिटर एवं प्रवेश सत्र 2009 से 2017 व्यवसाय कोपा के प्रवेशित प्रशिक्षणार्थी जो कि राज्य व्यवसायिक परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, उनका एसटीसी प्रमाण-पत्र संस्था में उपलब्ध है। अतएव वे प्रशिक्षणार्थी जो संस्था में उक्त प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षणरत थे वे संस्था में आकर अपना एसटीसी प्रमाण-पत्र कार्यालय के प्रशिक्षण शाखा से प्राप्त कर सकते है।

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