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छत्तीसगढ़

विपरीत शक्तियों को रोकने की शक्ति नारी में है समाहित:ओमप्रकाश

पत्थलगांव । हरियाणा सेवा सदन मे आज अखिल विश्व गायत्री परिवार का नारी जागरण सह कार्यकर्ता शिविर की शुरूवात की गयी। दो दिवसयी कार्यक्रम मे जशपुर जिले के आठ ब्लाक से गायत्री परिवार की महिला एवं बालिकायें मौजुद थी। मुख्यअतिथी के रूप मे यहा प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय संयोजक ओमप्रकाश राठौर पहुंचे हुये थे,उनके अलावा जिला नारी जागरण प्रमुख निद्रावती चौहान,गणेश्वर बेहरा,बसंती नामदेव,शांतेश्वर यादव मौजुद थे। विशिष्ट अतिथी के रूप मे राजेश अग्रवाल ने भी कार्यक्रम मे उपस्थिती दर्ज करायी। मंच संचालन वरिष्ठ कार्यक्रर्ता डी.आर चौहान एवं पार्वती चौहान द्वारा किया जा रहा था,कार्यक्रम की शुरूवात मां सरस्वती एवं माता गायत्री की प्रतिमा पर दीप प्रजवल्लन के साथ की गयी। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ के संयोजक ओमप्रकाश राठौर ने नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे। उनका कहना था कि आत्म विश्वास से ही नारी सशक्तिकरण की दिशा सुधर सकती है। यह कार्यक्रम नारी जीवन की गौरव गरिमा पर आधारित था,जिस पर प्रांतीय संयोजक ने अपने विचार रखते हुये बताया कि 21वीं सदी नारियों का युग है,इस सदी मे जो सुधार कार्य होने है वो नारियों के बलबुते ही होंगे। उनका कहना था कि इस युग का नेतृत्व नारी करेंगी,परंतु नारियों को आत्म विश्वास से स्वयं को भरना जरूरी है। सामाजिक,सांस्कृतिक श्रेणी मे पुरूष प्रधान द्वारा जो नाकारात्मक उर्जाओ का संचार किया गया है,उसे रोकने मे नारी शक्ति ही अपनी अग्रणी भूमिका निभायेगी। उनका कहना था कि पुरूष अपने सकारात्मक चिंतन से बेहद दूर जा चुके है,यही कारण है कि प्रकृति का अब विनाश होने लगा है,जब प्रकृति का विनाश होता है तो उससे पूरा विश्व प्रभावित होता है,व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी है,वह समाज मे अकेले नही रह सकता,इसलिए अब हमें दूसरो के हित मे कार्य करने की बेहद आवश्यकता है,तभी हम नये युग का निर्माण कर सकेंगे।।
आत्म विश्वास से नारी जागरण का उदय- गायत्री चेतना केन्द्र की ओर से आज के दो दिवसयी कार्यक्रम मे ऋतंभरा दागी,नंदिनी पारवार,शीतल कुमारी,तुलिका पाठक मध्यप्रदेश से यहा आयी हुयी थी,इन सभी ने नारी शक्ति पर अपने विचार प्रस्तुत किये,जिसमे उन्होने नारी जागरण के बिना समाज का उत्थान होना संभव नही बताया। इन महिला एवं युवतीयों ने नारी शक्ति को अपनी प्रतिभा पहचान कर पुरानी मानसिकता से दूर हटने की बात कही। उनका कहना था कि समाज व राष्ट्र निर्माण मे महिला शक्ति का योगदान के बिना अब 21वीं सदी का सूर्य उग नही सकता।

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