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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री के आने की खबर से राजिम जिले की मांग फिर गर्मार्ई

नवापारा राजिम । 4 सितंबर शहर के कृषि उपज मंडी प्रांगण पर 6 सितंबर दिन बुधवार को संकल्प शिविर में सम्मिलित होने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आने की जानकारी मिली है इसके लिए विशेष तौर से तैयारी भी की जा रही है। उनके आने की खबर से राजिम नवापारा जिला की ऐतिहासिक मांग गर्माते हुए नजर आ रही है। हर तरफ नए जिले निर्माण की चर्चा चल रही है। राजिम और नवापारा क्षेत्र के करीब 3 लाख जनता की एक ही मांग की धर्म नगरी राजिम जिला बने। बता देना जरूरी है कि नवापारा तहसील मुख्यालय है जो अभनपुर विधानसभा के अंतर्गत आता है। तो राजिम भी तहसील एवं विधानसभा मुख्यालय है। दोनों ही विधानसभा में कांग्रेस के विधायक है। यह दोनों विधायक अजीत जोगी सरकार में प्रदेश के मंत्री रह चुके हैं। विधायक धनेंद्र साहू राजिम नवापारा जिले की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। नगर पंचायत राजिम से राजिम को जिला बनाने के लिए सभी वार्ड पार्षद एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा प्रस्ताव पारित कर प्रदेश शासन के पास भेजा जा चुका है। राजिम के रेस्ट हाउस में सर्वदलीय बैठक भी हो चुके हैं जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दल के अलावा सामाजिक संगठन एवं वरिष्ठ नागरिकगण जिले की मांग पर एक राय हुए थे। भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री जब राजिम में आए थे तब क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री से जिला की मांग जोरदार रखी थी। यहां की जनता यह समझ रहे हैं कि मुख्यमंत्री सीधे राजिम नवापारा को जिले का सौगात देगी। कहते हैं इतिहास अपने आप को दोहराता है यही बात यहां देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी सन् 2003 में चुनाव से पहले नवापारा राजिम पहुंचे हुए थे। हरिहर शाला मैदान में राजिम नवापारा समेत क्षेत्र के जनता की विशाल भीड़ मुख्यमंत्री को सुनने के लिए पहुंचे हुए थे। इसी बीच पूर्व सांसद एवं संत कवि पवन दीवान तथा उस समय प्रदेश के राज्य मंत्री धनेंद्र साहू के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे इसी दरमियान संत कवि पवन दीवान ने मुख्यमंत्री अजीत जोगी से राजिम को जिला बनाने की घोषणा करने के लिए कहा। इतने पर उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश में नए जिले बनाए जाएंगे उसमें सबसे पहले क्रम पर राजिम नवापारा का नाम रहेगा। तब से लेकर अब तक पूरे 20 साल गुजर गए। इस दौरान चार विधानसभा चुनाव हो गए। अब पांचवीं विधानसभा चुनाव महज 1 महीने की बाद आचार संहिता के साथ घोषणा हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस अंतराल में अभनपुर विधानसभा ने नए राज्य बनते ही जल संसाधन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा सन् 2008 में प्रदेश के कैबिनेट में कृषि मंत्री दिए। इसी तरह से राजिम विधानसभा ने सन् 2000 से 2003 तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिए उसके बाद भाजपा और कांग्रेस के चार चुनाव में दो बार विधायक अमितेश शुक्ल, चंदूलाल साहू एवं संतोष उपाध्याय रहे। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से जिले की मांग हो रही है लेकिन अभी तक यह मांग पूर्ण नहीं हुआ है। लोगों को पूरा विश्वास तथा नजर मुख्यमंत्री पर टिकी हुई है कि राजिम नवापारा को जिला की घोषणा करें।

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