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छत्तीसगढ़

पांच करोड़ रुपये मरम्मत के लिए आये पर नहीं की गई सड़कों की मरम्मत

पत्थलगांव । राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत के लिए पिछले दिनो केन्द्र सरकार ने पांच करोड रूपये की मंजुरी दी,परंतु क्षेत्रवासियों का इसे दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि शहर के दो छोर को जोडने वाली एक किलोमीटर नेशनल हाईवे की सडक मे किसी प्रकार का मरम्मत कार्य नही हो पाया। क्षेत्रवासी इस बात से व्यथित होकर खुद के साथ सौतेला व्यवहार होना बता रहे है। दरअसल कटनी गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग पत्थलगांव से लेकर कुनकुरी तक की सडक बेहद खराब हो चुकी है। पिछले पांच सालो से मार्ग मे अनेक ठेकेदार काम कर चुके है,परंतु किसी भी ठेकेदार ने सडक का काम पूरा नही किया,यही वजह है कि पांच साल के अंतराल मे लगभग पांच ठेकेदार सडक बनाकर अपना भाग्य आजमा चुके है,लेकिन सडक की सुविधा क्षेत्रवासियों को नही मिल पायी। बारिश के दिन मे जाम इतने लंबे लगते है कि दूसरे ओर की गाडियां दिखायी तक नही देती,कई बार तो शहर के बाहर से शहर के भितर तक जाम मे फंसी वाहनो की कतार लग जाती है। सुखे के दिनो मे बरसात से भी बदत्तर हालात बने हुये है। धूल के गुब्बारो के बीच राहगीरो का निकलना मुश्किल हो चुका है,सडक के किनारे बसे लोग दुकान मकान खाली कर दूसरी जगह बसने लगे है,परंतु इसके बाद भी एन.एच.विभाग ने अपनी आंखे नही खोली। बरसात के दिनो मे रोजाना लगने वाले जाम को देखते हुये अनेक जगह सडको की हालत को लेकर चक्का जाम भी किया जा चुका है।
सांसद ने की थी पहल-:क्षेत्र की सांसद गोमती साय ने अपनी ओर से पहल मे कोई कसर नही छोडी। शायद उनके ही प्रयास से जिले की खराब सडको मे मरम्मत के लिए लगभग पांच करोड रूपये की राशि भी स्वीकृत हुयी,परंतु राशी आने के साथ-साथ उसके खत्म होने मे भी ज्यादा समय नही लग पाया। लंबा समय बितने के बाद भी पुरन तालाब से तहसील एवं एस.डी.एम न्यायालय को जोडने वाली एक किलोमीटर की सडक मे कोई काम नही कराया जा सका। इस मार्ग मे जहा लोग धूल से परेशान है तो वही सडक मे गडढे बने रहने के कारण हर दिन कोई न कोई छोटी वाहन पलटकर दुर्घटनाग्रस्त हो रही है। ऐसे मे सवाल उठता है कि 65 किलोमीटर की सडक मरम्मत के लिए आयी भारी भरकम राशि को कहा की मरम्मत मे व्यय कर दिया गया,या फिर यह राशि भी बंदरबंाट का शिकार हो गयी।।
तारीख पर तारीख देते ठेकेदार-:पांच साल पूर्व जी.व्ही.आर नामक ठेकेदार ने कटनी गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का कार्य अपने हाथ लिया था,इस कार्य को करने के दौरान ठेकेदार का नाम डिफाल्टर सूची मे दर्ज हो गया,जिसके बाद उसने अपने हाथ खडे कर बीच मे ही काम रोक दिया,इस मार्ग की खराब हालत देखकर केन्द्र सरकार ने सडक का काम करने अनेक ठेकेदारो को यहा भेजा। यहा आने वाले हर ठेकेदार ने क्षेत्रवासियों को तारीख पर तारीख देते हुये काम जल्द ही पूरा कर देने का झूठा आश्वासन थमाया। आज हालात यह है कि पांच साल बीत गये पर पत्थलगांव से कुनकुरी तक नेशनल हाईवे की सडक पांच किलोमीटर भी राहगीरो के लिए सुविधाजनक नही है।

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