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छत्तीसगढ़

मरम्मत या पुनस्र्थापना, नपं की कार्यशैली पर लग रहे प्रश्नचिन्ह

भखारा । नगर पंचायत भखारा में लगभग 25 वर्ष पूर्व पंचायत कार्यकाल में निर्मित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स अब पूर्णत: जर्जर हो चुका है।इस जर्जर व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स को मरम्मत के नाम पर जीर्णोधार किया जा रहा है।नगर के युवा व्यवसाईयों का कहना है कि जीर्णोधार के आड़ में बड़ा खेला हो रहा है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी कॉम्प्लेक्स पर कब्जा जमाए रखने की साजिशें चल रहा है।जिससे नए युवा उद्यमी जो व्यापार के क्षेत्र में आगे आना चाहते है।उनका भविष्य गर्त में जाते दिख रहा है।उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत भखारा के हृदय स्थलीय पुराना बस स्टैंड के समीप सन 1996 में निर्मित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स को नीलामी प्रक्रिया से 30 वर्ष के लिए व्यापारियों को लीज पर आबंटित किया गया था।इस हिसाब से वर्तमान में लीज की अवधि पूर्ण होने में दो वर्ष बाकी होना बताया जा रहा है।चूंकि लीज पर दिया गया कॉम्प्लेक्स पूर्णत: जर्जर हो गया है।जिसका फ़ायदा उठाकर सभी व्यवसायी स्वयं के पैसे से मरम्मत करने हेतु नगर पंचायत से अनुमति मांगा है।ऐसे में नगर पंचायत के अध्यक्ष और पार्षद परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाकर मरम्मत करने की अनुमति दे दिया गया है ।लेकिन व्यापारी मरम्मत के आड़ में फाउंडेशन को छोड़कर पूरा कॉम्प्लेक्स का निर्माण नए सिरे से कर रहे है।ऐसे में आशंका जताया जा रहा है कि कहीं व्यापारी भविष्य में स्वयं के पैसे से निर्माण किये है कहकर कॉम्प्लेक्स में कब्जा न कर ले। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि लीज की अवधि समाप्त होने पश्चात पुन: नीलामी की कार्यवाही किया जायेगा अथवा नवीनीकरण कर फिर से ही उन्ही दुकान संचालकों को आबंटित किया जाएगा।पुन: उसी दुकानदारों को आबंटित करने पर नगर पंचायत को राजस्व का तगड़ा नुकसान होगा।
नपं को करोड़ों रुपए के राजस्व का होगा नुकसान
भविष्य के व्यावसायिक संभानाओं को देखते हुए नगर पंचायत भखारा व्यापारियों की पहली पसंद बना हुआ है। राजधानी रायपुर और धमतरी के मध्य में स्थित होने के कारण यहां की दुकान,मकान और जमीन की कीमत आसमान पर है।यहां नीलामी में एक कॉम्प्लेक्स की 30 से 40 लाख रुपए तक की उच्चतम बोली लगती है।इस हिसाब से नगर पंचायत को 10 कॉम्प्लेक्स की लगभग 3 से 4 करोड़ के राजस्व का नुकसान होते दिखाई दे रहा है।
मोटा रकम लेकर अनुमति देने की उड़ रही अफवाहें
कॉम्लेक्स जीर्णोधार की अनुमति देने से नगर पंचायत को भविष्य में तगड़ा नुकसान होने की संभावना तो है।ऐसे में नुकसान तो नगर पंचायत को हो रहा है।परंतु रूलिंग पार्टी के नेताओं को इसका लाभ होने की अफवाहें उड़ रही है।अफवाहों में यह कहा जा रहा है कि अनुमति देनें के बदले में व्यापारियों ने 3 से 4 लाख रुपए सत्ताधारी दल के नेताओं को बतौर नजऱाना पेश किया है।जिसकी चर्चा नगर में व्याप्त है।
आदर्श आचार संहिता का
हो रहा खुला उल्लंघन
नगर पंचायत द्वारा कॉम्प्लेक्स मरम्मत हेतु व्यापारियों को आचार संहिता लगते ही आदेश दिया गया व व्यापारियों द्वारा कॉम्पलेक्स को तोड़कर पुनर्निर्माण किया जा रहा है जो कि आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन दर्शित करता है आचार संहिता के दौरान प्रशासन द्वारा सभी प्रकार के निर्माण कार्यों में प्रतिबंध लगाया जाता है जबकि नगर में पुनस्र्थापित हो रहे कॉम्पलेक्स के कार्य मे रोक नही लगाना प्रशासन के ऊपर सवालिया निशान लग रहे है। वहीं इस मामले में कुरुद एसडीएम दीनदयाल मंडावी ने नगर पंचायत से रिपोर्ट लेकर शीघ्र कार्यवाही करने की बात कही है!

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