सासंद,विधायक एवं मंत्रियों ने अपने कार्यकाल में सिर्फ दिये आश्वासन

पत्थलगांव । पांच साल से कटनी गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग 43 का काम प्रभावित है,पांच सालो के बीच अनेक ठेकेदार बदल गये,परंतु किसी भी ठेकेदार ने शहर से लेकर जिला को जोडने वाली सडक का निर्माण कार्य पूरा नही किया। हालात अब इतने बदत्तर हो चुके है कि शहर से एक किलोमीटर बाहर निकलते ही वाहन हो या पैदल पथिक गहरे दलदलनुमा कीचड मे फंसकर त्राहि-त्राहि कर रहे है। इन दिनो सबसे बुरा हाल शहर के लोगो का हो चुका है,जिन्हे तहसील कार्यालय पहुंचने के लिए गहरे दलदलनुमा कीचड से होकर गुजरना पडता है,भारी वाहनो के अलावा अब कार एवं दुपहिया वाहन चालक भी अपनी वाहन इस कीचड से निकालने मे डरने लगे है। पालीडिह चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग की सडक निर्माणधीन है,ऐसा नही है कि सडक का काम एक दो सप्ताह या एक दो महिने से चल रहा हो। दरअसल यहा काम चलते एक वर्ष से भी अधिक का समय बीत चुका है,परंतु दुर्भाग्य ने यहा के लोगो का साथ कभी नही छोडा। आवागमन के अल्प संसाधनो के बीच सडक मार्ग भी कभी सुविधाजनक नही मिली। शहर से जिला को जोडने वाली एन.एच. की सडक का एक दशक से बुरा हाल है,लगभग पांच वर्ष पूर्व केन्द्र सरकार द्वारा 110 किलोमीटर की सडक निर्माण के लिए 350 करोड रूपये की मोटी लागत पास करी थी,इस दौरान लोगो को खराब सडको से मुक्ति मिलने की आस जगी थी,परंतु अब यह आस पांच सालो के लंबे अंतराल के बीच धूमिल हो चुकी है। शहर के लोगो का जिला पहुंचना जितना मुश्किल है,अब उतना ही शहर से राजस्व विभाग के ऑफिस पहुंचने मे भी दिक्कत उठानी पड रही है।।
सांसद-मंत्रियों के आश्वासन बेकार: पत्थलगांव से जशपुर तक की खराब सडक को लेकर नेताओ ने जमकर अपनी राजनीति रोटी सेकी है। जनता की वाहवाही लूटने ये उनके बीच सडको को लेकर अनेक आडंबर किये। किसी ने सडक पर बैठकर धरना देेने की बात कही तो किसी ने पैदल मार्च निकाल कर वाहवाही लूट ली,मगर सडक किसी ने नही बनवायी। विधायक हो,सांसद हो,मंत्री हो या फिर और कोई बडे पद का नेता ही क्यो ना हो सबने ने जिलेवासियों को बेहतर सडको के लिए सिर्फ आश्वासन ही दिया है। जबकि इस मार्ग की जमीनी हकिकत यह है कि किसी भी नेता के प्रयास या उनके कहने पर आज तक सडके बेहतर नही हो पायी।।
ठेकेदार के टर्मिनेट होने की बात अफवाह: एन.एच 43 की सडको का काम पिछले कुछ दिनो से टी.बी.सी.एल नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा था,परंतु कुछ दिन पहले ठेकेदार का काम टर्मिनेट होने की गलत अफवाह के कारण ठेकेदार द्वारा काम को अधर मे ही छोड दिया गया था। राज्य स्तर के उच्च अधिकारीयों से जब इस संबंध मे बात की गयी तो उनका कहना था कि अभी तक इस तरह के किसी भी आदेश की अधिकारीक पुष्टि नही की गयी है,इस कारण टी.बी.सी.एल नामक कंपनी को पुन: एन.एच.43 का कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गये है।।

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