मवेशी सड़कों में घूम रहे, नगर पालिका प्रशासन कर रहा दुर्घटना का इंतजार

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बाड़ी भले ही बेनर-पोस्टरों में छाई हुई है लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ और बया कर रही है बता दें कि शासन स्तर में इस फ्लैगशिप योजना के लिए करोड़ो रूपये फूक दिए हो लेकिन ग्रामीण स्तर तो दूर की बात है शहरों में आवारा मवेशियो ने डेरा जमाया हुआ है वही दूसरी ओर विश्वस्त सूत्रों की माने तो भले ही कुछ दिनों में नवगठित जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई अस्तित्व में आ जाएंगे लेकिन नगर पालिका परिषद खैरागढ़ अभी भी कुम्भकर्णीय नींद में सोए हुए हैं जिसकी वजह से आवारा मवेशियों को सड़क से न तो हटाया जा रहा है और न ही किसी प्रकार की कोई ठोस व्यवस्था आवारा मवेशियों के लिए किया जा रहा है जिससे यह स्पष्ट रूप से अंदाजा लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के महत्वाकांक्षी योजना को खैरागढ़ नगर में अंगूठा दिखा रहे हैं आपको बता दें कि शहर से राजनादगांव-कबीरधाम से लेकर दुर्ग-रायपुर सहित मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र के लिए दिनभर भारी भरकम गाड़ियों का आवागमन होता है लेकिन शहर से गुजरने में वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है साथ ही नगर में वीआईपी सुरक्षा प्राप्त नवनिर्वाचित विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा तथा राजनादगांव जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह निवास करते हैं और इन्हें अपने क्षेत्रों में दौरा करना पड़ता है लेकिन नगर पालिका परिषद के सुस्त रवैये से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वीआईपी सुरक्षा के प्रति जब नगर पालिका गम्भीर नही है तो आमजनों को कहा से राहत मिलेगी बता दें कि नगर में अतिक्रमण और आवारा मवेशियों को नही हटाने के चलते कांग्रेस सरकार की जगह-जगह किरकिरी हो रही है। साथ ही यह कयास लगाया जा रहा है कि नगर पालिका दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।

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