सूखा प्रभावित जिलों व तहसीलों का सर्वे पूरा

रायपुर। राज्य शासन के राजस्व विभाग ने अल्पवर्षा से प्रभावित जिलों व तहसीलों का सर्वे पूरा कर लिया है। जशपुर, बलरामपुर और सूरजपुर के सभी विकासखण्ड सूखे से सर्वाधिक प्रभावित हैं। वर्तमान में 28 तहसीलें सूखे की चपेट में आ गई है। यदि शीघ्र ही पानी नहीं गिरा तो स्थिति और भी बिगड़ जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में इस समय अल्पवर्षा से प्रभावित जिलों का राजस्व विभाग द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जशपुर जिले के अंतर्गत 8 विकासखण्ड आते हैं। पत्थलगांव, बगीचा, कुनकुरी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। सूरजपुर के भी दो विकासखण्ड सूखे से प्रभावित हैं। अनुविभगाीय अधिकारी के माध्यम से पटवारियों द्वारा रिपोर्ट तैयार कर ली गई है जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। बेमेतरा जिले के अंतर्गत बेरला ब्लाक की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां पर बिजली कटौती के कारण किसान परेशान हैं। अघोषित विद्युत कटौती से किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश के रायपुर के अलावा राजनांदगांव, कोरबा तथा चांपा-जांजगीर के असिंचित क्षेत्र भी प्रभावित हैं। विधायक नारायण चंदेल ने बताया कि यहां स्थिति काफी भयावह है। यद्यपि पानी छोड़ा गया है लेकिन पानी असिंचित क्षेत्रों में नहीं पहुंच पाता। महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लाक में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। राजनांदगांव में भी 9 ब्लाक है। स्थिति काफी नाजुक हैं। यदि समय पर पानी नहीं गिरा तो स्थिति खराब हो जाएगी।
सुहेला, खरोरा व तिल्दा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कई गांव भी सूखे से प्रभावित हैं। तिल्दा के 28 गांव रायपुर जिले के अंतर्गत आते हैं। यहां पर असिंचित क्षेत्र कहलाने वाले सुहेला, खरोरा में स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक बनी हुई है। तिल्दा, कोटा में आज किसानों की एक बैठक हिन्द किसान मजदूर परिषद के तत्वावधान में हो रही है। संघ के राजू शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री से भी पानी छोड़ने की मांग की गई है। रायपुर जिले के आरंग तथा धरसींवा तहसील की भी स्थिति नाजुक है। पं. रविशंकर जलाशय परियोजना से पानी छोड़ा गया है। यहां पर पानी के अभाव में रोपा, बियासी और निंदाई का काम रूका हुआ है।
बालोद में पर्याप्त वर्षा, तांदुला से छोड़ा जा रहा पानी
बालोद के विधायक संगीता सिन्हा ने बताया कि जिले में 900 मिलीमीटर वर्षा हुई है। बालोद में धान के फसल की स्थिति अच्छी है। वर्तमान में तांदुला टैंक भर गया है। यहां से पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस जिले में औसतन वर्षा होने से कृषि कार्य ठीक चल रहा है।

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