विपक्षी को कमजोर समझना होगी बड़ी भूल

राष्ट्रमण्डल खेल-2022, इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में 28 जुलाई से 8 अगस्त तक
जसवंत क्लाडियस,तरुण छत्तीसगढ़ संवाददाता
खेल के माध्यम से मनुष्य ने संसार के एक छोर को दूसरे छोर तक बड़ी आसानी से मिला दिया है। खेलकूद शारीरिक चुस्ती के अलावा मनोरंजन का साधन है तथा समय की पाबंदी, अनुशासन के महत्व को सिखाती है। जीवन में खेल को ईसा पूर्व 776 से महत्व देने के प्रमाण मिलते हैं तब प्राचीन ओलंपिक खेलों का आयोजन ईस्वी सन 393 तक होता रहा। इन खेलों में मुख्यत: एथलेटिक्स के इवेंट जिसमें दौड़ना, कूदना, उछलना, उठाना शामिल होते थे। अगर बहु खेल स्पर्धा की बात करें तो 582 ईसा पूर्व में स्थामियन खेल रोमन साम्राज्य के अंतर्गत शुरू हुए। 573 ईसा पूर्व के पहले नेमियन खेल शुरू हुए थे। पायथियन खेल ईसा पूर्व 6वीं सदी में आरंभ हुए थे। इस तरह मानव जीवन के इतिहास के साथ-साथ बहु खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन की परंपरा जुड़ी हुई है। 1896 में यूनान के शहर एथेंस में प्राचीन ओलंपिक खेलों की तरह आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई जो आज भी प्रत्येक चार वर्ष में हो रही है। कहा जाता है कि अंग्रेज शासकों ने एक समय पूरे जगत में अपना साम्राज्य स्थापित किया था। दूसरे शब्दों में यह खूबी प्रचलित थी कि ब्रिटिश/अंग्रेजी शासनकाल में कभी भी सूर्य डूबता नहीं है।
इसी शान को बनाए रखने के लिए 1930 में कामनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हुई जिसमें ब्रिटिश शासकों ने जिन देशों को अपना गुलाम बनाया था उनके खिलाड़ियों के बीच बहुखेल स्पर्धा प्रारंभ हुई। पहले 1930 से 1950 तक इसे ब्रिटिश एंपायर गेम्स, 1954 से 1966 तक ब्रिटिश एंपायर एंड कामनवेल्थ गेम्स और 1970 से 1974 तक ब्रिटिश कामनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना जाता था। आज की परिस्थिति में 72 देश इस परिसंघ में सम्मिलित हैं। 2022 में बर्मिंघम में इन खेलों में 72 देशों के लगभग 5054 से अधिक पुरुष व महिला खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इन खेलों का उद्देश्य मानवता-समानता-नियति है। इसमें 20 खेलों को शामिल किया गया है जिसमें 280 इवेंट होंगे। भारत की ओर से इस चैंपियनशिप में करीब 212 खिलाड़ी 15 खेलों में भाग ले रहे हैं। कामनवेल्थ गेम्स की तीरंदाजी और निशानेबाजी स्पर्धा भारत में होगी। बैडमिंटन में भारत की महान शटलर पीवी सिंधु उद्घाटन समारोह में तिरंगा उठाएंगी। पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के इवेंट ज्यादा होंगे। बर्मिंघम में महिलाओं के 136 जबकि पुरुषों के 134 इवेंट होंगे। भारत ने इन खेलों में अब तक 181 स्वर्ण, 173 रजत एवं 149 कांस्य सहित 503 पदक पर कब्जा जमाया। 2010 में भारत के नई दिल्ली में इन खेलों का आयोजन हुआ था जिसमें भारत के एथलीटों ने अब तक सर्वाधिक 38 स्वर्ण, 27 रजत, 36 कांस्य पदक जीता था। भारत के खिलाड़ियों ने सर्वाधिक 63 स्वर्ण, 33 रजत, 28 कांस्य पदक निशानेबाजी, 43 स्वर्ण, 48 रजत, 32 कांस्य पदक भारोत्तोलन में प्राप्त किया है।
इस बार भालाफेंक के खिलाड़ी ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा के भाग नहीं लेने के कारण हमारे देश को एक पदक का झटका लगा है। भारत ने कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हाकी, स्क्वेश, टेनिस, जूडो, जिमनास्टिक्स, तैराकी कुल 14 खेलों में पदक हासिल किया है। इस बार भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित करके हौसला अफजाई किया है। खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

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