भाजपा निंदनीय टिप्पणी के लिए माफी मांगे

सिमगा । सभापति एवं अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री निधि कोमल टण्डन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि, केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बिना विपक्षी पार्टियों की सहमति से जो अग्निपथ योजना लागू करने की बात हो रही है। इस योजना का विरोध करती है। वहीं इस योजना पर बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान की निंदा करती है जो प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि मुझे अगर बीजेपी के इस कार्यालय में सुरक्षा रखनी होती तो मैं (पूर्व) अग्निवीर को प्राथमिकता दूंगा। जो सैनिकों की अपमान है।उन्हें इस बयान के लिए देश वासियों से जहां माफी मांगनी चाहिए थी वहीं विजयवर्गीय ‘टूलकिटÓ की बात कह कर खुद सवालों में घिर चुके हैं। हमारी मांग है कि भाजपा इस निंदनीय टिप्पणी के लिए सैनिकों से माफी मांगे। अन्यथा अपना रुख स्पष्ट करे।
निधिकोमल टण्डन ने कहा कि, देश में वर्तमान दौर में बढ़ती बेरोजगारी के हालात समय ऐसी किसी योजना का समर्थन नहीं कर सकते। भले ही विकसित देशों में ऐसी योजना अस्तित्व में हों। इसका कारण यह भी है कि देश में पिछले कई सालों से खाली पड़े पदों की भर्ती नहीं हो पाई है और यकायक ये 4 साल की योजना लोगों के गले नहीं उतर रही है,
अग्निपथ योजना तीनों सेनाओं, थल सेना, वायुसेना और नौसेना, के लिए एक अखिल भारतीय योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया है। इसमें युवाओं को सेना के नियमित कैडर में सेवा नियुक्ति दी जाएगी। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को ‘अग्निवीरÓ कहा जाएगी। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में सेवा रोजगार मिलेगी। इसके बाद योग्यता, इच्छा और मेडिकल फिटनेस के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा में बरकरार रखा जाएगा, और शेष 75 प्रतिशत लोगों को एक निर्धारित राशि (झुनझुना) बिना पेंशन सुविधा देकर बाहर कर दिया जाएगा। याने फिर वह दरबदर ठोकरें खाने को मजबूर हो जाएगा। जबकि हमारे देश की सामाजिक स्थिति को देखी जाए तो यही उम्र विवाह की होती है इस उम्र में रिटायरमेंट होना वो भी बिना पेंशन के ये चिंतनीय हैसभापति एवं महिला कांग्रेस अध्यक्ष सिमगा निधिकोमल टण्डन ने कहा कि इस योजना को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि चार साल का समय पूरा होने के बाद अग्निवीर क्या करेंगे ? अग्निपथ योजना के तहत पहले साल करीब 45,000 भर्तियां होंगी, जिनमें से 75 प्रतिशत युवाओं का अनुबंध चार साल बाद पूरा हो जाएगा। युवाओं में इसी बात को लेकर आक्रोश है कि वो चार साल बाद क्या करेंगे ?हालांकि, विपक्ष के दबाव के चलते सरकार ने उन्हें दूसरी नौकरियों में प्राथमिकता देने की बात कही है। दूसरी बड़ी चिंता यह है कि चार साल के बाद युवाओं को पेंशन और दूसरे लाभ नहीं मिलेंगे। हालांकि, उन्हें करीब 11 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाएगी, लेकिन यह बाकी सरकारी नौकरियों की तुलना में बेहद कम है।इससे यह सवाल भी खड़ा होता है कि भर्ती होने वाले युवा चार साल की नौकरी के दौरान जोश से परिपूर्ण रहेंगे। इसे लेकर भी कई जानकार सवाल उठा चुके हैं जिनका यह जोश रिटायर होते ही शिथिल हो जाएगी।

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