चुस्त-दुरुस्त रहने की चुनौती का जवाब

टेनिस-फ्रेंच ओपन 2022, पुरुष वर्ग में राफेल नडाल, महिला वर्ग में ईगा स्वीटेक ने रचा इतिहास
टेनिस में चार प्रमुख प्रतियोगिताएं प्रत्येक वर्ष कुछ माह के अंतराल में आयोजित की जाती है। उन्हें आस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विम्बल्डन तथा यूएस ओपन के नाम से जाना जाता है। जिन्हें ग्रैंड स्लेम चैंपियनशिप कहते हैं। जिस तरह अन्य खेलों की विश्व स्पर्धा को जीतने की चाहत संबंधित खेल के खिलाड़ियों में रहती है ठीक उसी तरह टेनिस के खिलाड़ी भी ग्रेंड स्लेम में से किसी न किसी के विजेता बनने की तमन्ना रखते हैं। पिछले 22 मई से 5 जून तक पेरिस स्थित स्टेड रोलेंड गैरोस कोर्ट में यह चैंपियनशिप खेली गई। 1891 से आयोजित की जा रही इस स्पर्धा का यह 126वां संस्करण था। इसमें पुरुष/महिला वर्ग में एकल, युगल तथा मिश्रित युगल और जूनियर के साथ व्हीलचेयर विजेता खिताब के लिए संघर्ष होता है। फ्रेंच ओपन के कोर्ट की सतह क्ले अर्थात् लाल बजरी होती है। 2022 में पुरुष वर्ग का खिताब स्पेन के राफेल नडाल जबकि महिला वर्ग में पोलैंड की ईगा स्वीटेक ने जीता। सिर्फ 21 वर्ष की ईगा को इस समय महिला वर्ग में प्रथम वरीयता प्राप्त है। इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखने से हम इन्हें आने वाले दिनों में टेनिस की सनसनी भी कह सकते हैं। 21वीं सदी में जन्मी इस महिला खिलाड़ी ने अपनी 5 फीट 9 इंच की ऊंचाई का पूरा फायदा उठाया। ईगा की बड़ी उपलब्धि यह रही कि फ्रेंच ओपन में पहली बार किसी पोलिस खिलाड़ी ने भाग लिया और किसी ग्रेंड स्लेम स्पर्धा के फायनल में पहली बार पहुंचकर टाइटिल जीता। दूसरी तरफ स्पेन के राफेल नडाल का कोई जवाब नहीं। वास्तव में वे फ्रेंच ओपन के इतिहास पुरुष हैं। 35 वर्षीय इस टेनिस खिलाड़ी ने अपने अनुभव और जुझारूपन का परिचय देते हुए 2022 का टाइटिल अपने नाम किया। राफेल को इस वर्ष प्रतियोगिता में पांचवी वरीयता दी गई थी। लाल बजरी सतह के बादशाह राफेल ने क्वार्टर फायनल में प्रथम वरीयता प्राप्त नोवाक जोकोविच को सेमीफाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर जेवरेव को जबकि फायनल में आठवी वरीयता प्राप्त केस्पर रूड को परास्त करके अपना खिताब बरकरार रखा। 35 वर्ष के एक खिलाड़ी को कोर्ट में अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना पड़ता है। 22 ग्रेंड स्लेम जीत चुके राफेल ने 14वीं बार फ्रेंच ओपन को जीतकर अपनी दृढ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया। राफेल इसके पहले दो-दो बार आस्टे्रलियन ओपन के साथ विम्बल्डन जबकि चार दफे यूएस ओपन जीत चुके हैं। बाएं हाथ से खेलने वाले राफेल ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस उपहार का भरपूर लाभ उठाते हैं। 6 फुट 1 इंच की ऊंचाई होने के कारण वे अपनी सर्विस के जरिए विपक्षी पर दबाव बना लेते हैं। उनका फोरहैंड रिटर्न काफी सटीक और ताकतवर होता है तथा विपक्षी खिलाड़ी के रिटर्न का करारा जवाब देकर उन्हें निराश करने में सफल हो जाते हैं। फिलहाल वरीयता में चौथे नंबर के खिलाड़ी राफेल फ्रेंच ओपन में लगातार कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं। फ्रेंच ओपन के इतिहास में अब तक किसी अन्य महिला या पुरुष खिलाड़ी को ऐसी कामयाबी नहीं मिली है। उम्र के बढ़ने के साथ-साथ प्रत्येक प्रतिभागी के लिए सबसे बड़ी समस्या फिटनेस की होती है। अपने आपको चुस्त-दुरूस्त रखकर कोर्ट में विपक्षी का सामना करने का दृष्टिकोण करना प्रत्येक मुकाबले में चुनौती बनकर आता है। राफेल ने 14वीं बार फ्रेंच ओपन का टाइटिल अपने नाम करके युवा खिलाड़ियों के समक्ष आदर्श प्रस्तुत किया है। आज के खिलाड़ी अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेकर कोर्ट में उतरते हैं परंतु मैच में वे अपना सबकुछ नहीं दे पाते हैं यही वजह है कि राफेल जैसे खिलाड़ी सफल हो रहे हैं। अगर आगे बढ़ना है तो खेल चाहे जो भी हो प्रत्येक प्रतिभागी के लिए राफेल नडाल के खेल जीवन से सबक लेना जरूरी है।

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