राष्ट्रीय टीम के महत्व को घटाने का कुचक्र

क्रिकेट: भारत-दक्षिण अफ्रीका टी-20 मुकाबला, मेहमानों ने जीती श्रृंखला
– जसवंत क्लाडियस,तरुण छत्तीसगढ़ संवाददाता
भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इस खेल में तीन तरह के अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले होते हैं जोकि क्रमश: टेस्ट, एकदिवसीय, टी-20 के रूप में होते हैं। टेस्ट मैच की शुरुआत 15 से 19 मार्च 1877 में हुई, जिसमें आस्ट्रेलिया विरूद्ध इंग्लैण्ड के बीच मेलबोर्न में मैच खेला गया। इंग्लैण्ड ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला एकदिवसीय मैच 5 जनवरी 1971 को मेलबोर्न में हुआ था।
अधिकृत एक दिवसीय मुकाबले आरंभ में 60 ओवर का होता था। टी-20 याने 20-20 ओवर का पहला मुकाबला 5 अगस्त 2004 को इंग्लैण्ड तथा न्यूजीलैंड की टीम के बीच खेला गया। मुकाबले में दोनों देशों की महिला टीम आमने-सामने थे। इस तरह तरह हम पाते हैं कि क्रिकेट के तीनों प्रारूप 5 अगस्त 2004 से खेले जा रहे हैं। माना जाता है कि पांच दिवसीय होने के कारण टेस्ट मैच उबाऊ होने लगा इसलिए एकदिवसीय प्रारूप आया। यह भी थोड़ा कम रोचक हुआ तो टी-20 के मुकाबले प्रारंभ हुए। आज परिस्थिति यह है कि तीनों प्रारूप में टी-20 मैच सबसे ज्यादा लोकप्रिय और पैसा उगलने वाला हो गया है। तुलनात्मक दृष्टि से देखा जाए तो टेस्ट प्रारूप में खेलने वाले अधिकृत देशों की संख्या 10 हैं जिसमें सिर्फ पुरुष टीम है। एक दिवसीय में 10 महिला टीम, 20 पुरुष टीम शामिल है। जबकि टी-20 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से मान्यता प्राप्त देशों की महिला टीम की संख्या 55 है साथ ही 74 पुरुष टीम है। इस प्रकार स्पष्ट है कि क्रिकेट खेल में सबसे बाद में शुरु हुई टी-20 स्पर्धा आज सबसे अधिक लोकप्रिय है तथा धन कमाने का साधन है। अब आज का ज्वलंत प्रश्न यह है कि टी-20 जैसे छोटे प्रारूप के आधार पर टेस्ट मैच खेलने वाले लगभग सभी देशों में क्लब आधारित लीग चैंपियनशिप हो रहे हैं। आज की परिस्थिति में बैडमिंटन, टेनिस को छोड़ दिया जाए तो क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो कि वर्ष भर विश्व किसी न किसी भू-भाग में खेला जा रहा है।
मैच के टेलीविजन/मोबाइल आदि इलेक्ट्रानिक माध्यम के द्वारा सीधे प्रसारण की वजह से मानव आवश्यक भौतिक उत्पादों आदि का विज्ञापन होता है जिससे संबंधित संस्थान, औद्योगिक घराना बेहिसाब धन अर्जित कर रहे हैं। इसका सीधा लाभ भाग लेने वाले विभिन्न क्लब/टीम के खिलाड़ियों से लेकर प्रशिक्षक, सपोर्ट स्टाफ को मिल रहा हे। प्रतियोगिता से जुड़े सभी वर्ग के लोग मालामाल हो रहे हैं। मुकाबले के दौरान खिलाड़ी जान की बाजी लगाकर रन बनाते हैं, कैच लेते हैं, क्षेत्ररक्षण करते हैं क्योंकि इसके पीछे व्यवसायिक दृष्टिकोण होता है। भारत में 26 मार्च से 29 मई 2022 तक इंडियन प्रीमियर लीग का 15वां संस्करण सम्पन्न हुआ जिसमें भारत के साथ संसार के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें कुल मिलाकर 74 मैच खेले गये।
अब इसके बाद टी-20 मैच की श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत आई है। तीन मैच की श्रृंखला में उन्होंने दो मैच जीतकर श्रृंखला अपने नाम कर ली है। इस श्रृंखला के आरंभ होने से पूर्व विश्व रैकिंग में भारत 8502 अंक के साथ पहले जबकि दक्षिण अफ्रीका 7432 अंक के साथ चौथे स्थान पर थी। आगामी 16 अक्टूबर से 13 नवम्बर 2022 तक आस्टेलिया में आयोजित टी-20 के विश्व टूर्नामेंट को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारत के प्रमुख खिलाड़ियों को विश्राम दिया। लेकिन इसका विपरीत असर हमारी टीम को हुआ। किसी भी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल होना गौरव की बात होती है परंतु राष्ट्रीय टीम को इन नये खिलाड़ियों के कारण पराजय का सामना करना पड़ा। आज क्रिकेट किस दिशा में जा रहा है उसके आयोजकों, पदाधिकारियों को हमारे देशवासियों को बताना चाहिए। क्लब चैंपियनशिप से कम महत्व राष्ट्रीय टीम की स्पर्धा को दिया जाना कभी भी सही निर्णय नहीं कहा जा सकता। दक्षिण अफ्रीका से वर्तमान श्रृंखला में पराजय से हमें सबक लेना चाहिए और क्रिकेट के कर्णधारों को सिर्फ व्यवसायिकता को महत्व नहीं देकर राष्ट्र के मान-सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए।

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