पैसा, पहचान की पर्याय बनी यह प्रतियोगिता

क्रिकेट : इंडियन प्रीमियर लीग-2022, गुजरात टाइटंस बनी विजेता
– जसवंत क्लाडियस,तरुण छत्तीसगढ़ संवाददाता
भारत के इतिहास का सबसे बड़ा खेल उत्सव 26 मार्च से लेकर 29 मई2022 तक सिर्फ चार शहर मुंबई, पुणे,अहमदाबाद,कोलकाता में सम्पन्न हो गया। पिछले दो टूर्नामेंट में कोरोना महामारी का प्रभाव पड़ा था परंतु इस बार सामान्य ढंग से आईपीएल के 74 मैच खेले गए। इस दौरान हमारे देश का मौसम हालांकि बहुत गर्म था। किसी भी मैच के दौरान तापमान सामान्यत: 30 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं रहा। याने इंग्लैण्ड, आस्टे्रलिया, न्यूजीलैंड जैसे देशों के खिलाड़ियों को मुकाबले में तेज गर्मी से जूझना पड़ा। कोरोना विषाणु संक्रमण की वजह से स्पर्धा के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सपोर्ट स्टाफ, होटल, स्टेडियम तथा जीवंत प्रसारण करने वाले मीडिया चैनल के सभी कर्मियों पर विशेष निगरानी रखी गई जिससे प्रतियोगिता के संचालन में किसी तरह का कोई व्यवधान न हो सके। इस बार गुजरात टाइटंस के साथ लखनऊ सुपर ज्वाइंट्स नाइट राइडर्स को पहली बार इस टूर्नामेंट में शामिल किया गया है। गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या जबकि लखनऊ के केएल राहुल थे।
दोनों टीम ने पहली दफे मुकाबले में खेलते हुए प्रशंसनीय प्रदर्शन किया। अगर हम कहें कि एक साधारण टीम में गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या ने ऐसा जोश भर दिया वे फर्श से अर्श पर आ गये तो गलत नहीं होगा। गुजरात टीम में डेविड मिलर, रशीद खान, रिद्धीमन साहा, मोहम्मद शमी, शुभमन गिल जैसे गिने-चुने प्रमुख क्रिकेटर थे जबकि प्रथम प्रयास में पहले चार स्थान में पहुंचने वाले लखनऊ सुपर ज्वाइंट्स ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। हालांकि एलीमनेटर राउंड में रायल चैलेंजर्स बेंगलुरू वे परास्त हो गये, परंतु अपने खेल के द्वारा खेलप्रेमियों/दर्शकों के दिल को जीत लिया। 2022 के आईपीएल ने यह साबित कर दिया कि अधिक पैसे से खरीदे गये खिलाड़ी जरूरी नहीं मैदान में सफल हो वस्तुत: खिलाड़ियों का मनोबल हमेशा ऊंचा बना होना चाहिए तभी ‘मन के हारे हार है मन के जीते जीतÓ ऐसी कहावतें चरितार्थ होती है।
आईपीएल के हतिहास ऐसा दूसरी बार हुआ जबकि पदार्पण पर ही किसी टीम ने खिताब अपने नाम किया। इससे पहले यह कमाल राजस्थान रायल्स की टीम 2008 में दिखा चुकी है। गुजरात टाइटंस के अलावा इंग्लैण्ड के जोस बटलर ने वातावरण के 35 से 40 डिग्री सेल्सियस होते हुए भी 4 शतक लगाकर 863 रन ठोके। इस स्पर्धा में सिर्फ चार शतक और बने जिसमें के एल राहुल ने दो, डीकाक व रजत पाटीदार के एक-एक शतक शामिल है। 2008 से आरंभ आईपीएल के 14वें संस्करण तक स्पष्ट है कि इस टूर्नामेंट ने कई अनजान खिलाड़ियों को सामने आये और उनके जीवन की राह बदल गई। इस तरह की चैंपियनशिप में भाग लेकर अनेक क्रिकेटर का जीवन स्तर सुधर गया। क्रिकेट आज युवा भारतीयों का खेल बन गया है। पैसों के साथ शोहरत के संयोग का आईपीएल पर्याय बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *