भारत में रूसी दूतावास

नई दिल्लीभारत और रूस के बीच राजनयिक संबंधों और दोस्ती के 75वें वर्ष की घोषणा करते हुए, भारत में रूसी दूतावास ने बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऐप – पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दशकों से इन दो देशों के नेताओं, राजनयिकों और प्रतिष्ठित हस्तियों के बीच महत्वपूर्ण पलों को दिखाया गया है।
कू ऐप पर अपने आधिकारिक हैंडल @rusembindia से हिंदी में पोस्ट करते हुए दूतावास ने बहुत गर्व और प्रशासन के साथ रूसी-भारतीय मित्रता के इतिहास में सबसे यादगार क्षणों को पेश किया।
https://www.kooapp.com/koo/rusembindia/28d5e361-57d6-4d66-ad99-bd478d0436f5
कू पर शेयर यह शानदार वीडियो पुरानी यादों को ताजा करता है। यह इतने वर्षों में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों द्वारा आदान-प्रदान की गई यात्राओं और संवादों व कलाकारों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ ही अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के 1984 में सोवियत सोयूज टी-11 अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष मिशन को प्रदर्शित करता है। भारत और तत्कालीन सोवियत संघ के बीच संबंध आधिकारिक तौर पर भारत की स्वतंत्रता से पहले ब्रिटिश शासन के दौरान 13 अप्रैल 1947 को शुरू हुए।
भारत में रूसी दूतावास अक्टूबर 2021 में कू में शामिल हुआ। दूतावास कू ऐप पर देश भर के यूजर्स के साथ जुड़ते हुए, हिंदी और अंग्रेजी में विभिन्न राजनयिक पहलों और विकास पर सक्रिय रूप से अपडेट शेयर करता है। देसी भारतीय भाषाओं में आत्म-अभिव्यक्ति के सबसे बड़े मंच के रूप में कू ऐप भारतीयों को हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी जैसी 10 भाषाओं में अपनी राय और विचारों को साझा करने का अधिकार देता है। प्लेटफॉर्म 3 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छू चुका है और राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के 7,000 से ज्यादा प्रतिष्ठित व्यक्ति कई भाषाओं में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।
कू के बारे में
Koo App की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। कू ऐप ने भाषा-आधारित माइक्रो-ब्लॉगिंग में नया बदलाव किया है। Koo App फिलहाल हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में उपलब्ध है। Koo App भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है। मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है, जो यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ करता है। प्लेटफॉर्म 3 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छू चुका है और राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के 7,000 से ज्यादा प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।

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