छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़, अधिकतर डॉक्टरों के कक्ष खाली, एक ही डॉक्टर देख रहे मरीज

दंतेवाड़ा । दंतेवाड़ा जिला अस्पताल की स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। नए सिविल सर्जन के आने के बाद लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि जिला अस्पताल की स्थिति में सुधार होगा। डॉक्टर अब समय पर ओपीडी में हर रोज उपस्थित रहेंगे और मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार मिलेगा। मगर ऐसा कुछ भी होता नहीं दिख रहा। हालात जस के तस बने हुए हैं। प्रतिदिन ओपीडी मरीजों से खचाखच भरी रहती है। मगर डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं मिलते। केवल एक एमबीबीएम डॉक्टर ही जिला अस्पताल के इतने बड़े ओपीडी में बैठे दिखाई पड़ते हैं जिनके कक्ष के सामने मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है।
करोड़ों का आलीशान महल की तरह दिखने वाला सरकारी जिला अस्पताल अंदर से कितना खोखला है इसकी बानगी देखनी हो तो कोई भी व्यक्ति सुबह 9 बजे अस्पताल जाकर एक सामान्य निरीक्षण कर हकीकत का स्वयं ही पता लगा सकता है। बता दें कि ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से 1 बजे तक रखा गया है। मरीजों की शिकायत पर तरूण छत्तीसगढ़ के संवाददाता जब शुक्रवार की सुबह 11 बजे अस्पताल के ओपीडी हाल में पहुंचे तो नजारा देख हतप्रभ रह गए। ओपीडी समय के दौरान पर्ची काउंटर में मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थी। डॉक्टर के कक्ष के सामने मरीजों की काफी भीड़ थी। लोग घंटों हाथों में पर्ची थामे, मरीज को सम्हालते खड़े दिखाई पड़े। डॉक्टरों के कक्ष खाली पड़े थे। केवल डॉ0 संजय कश्यप ही हमेशा की तरह अपने कक्ष में बैठे मरीज देख रहे थे। उनके कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। शेष अस्थि रोग, नाक, कान गला, शिशु रोग, चर्म रोग, महिला डॉक्टर का कक्ष सब की कुर्सी खाली पड़ी थी इनके कक्ष में कोई मौजुद नहीं था। डॉक्टर विजय कर्मा व डॉक्टर संजय बघेल आईसीयू में डयूटी दे रहे थे। ओपीडी का हाल बेहाल था। मरीज हालाकान हो रहे थे। हमें देखकर मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ परिचितों ने बताया कि वे घंटों से पर्ची बनाकर डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं मगर कोइ भी डॉक्टर 12 बजे तक नहीं आया। कई मरीज तो थक हारकर वापस घर लोट गए थे। ये हाल तब है जब एक सिनियर सिविल सर्जन डॉ0 कपिल देव कश्यप कुछ ही महिने पहले दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में बतौर सीएस का पद सम्हाले हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा दावा किया जाता रहा है कि अस्पताल में अब सब कुछ ठीक चल रहा है डॉक्टरों की भी कोई कमी नहीं है जबकि रियलिटी आज ग्राउण्ड पर जाकर देखने से हकीकत का पता लग गया है। दावे खोखले साबित हुए हैं। दराअसल अस्पताल में जब डॉक्टर ही मौजुद नहीं रहेगेे तो इलाज कैसे संभव होगा। पूरे महिने भर का रोस्टर बना होता है उसमें उल्लेख होता है कि किस दिन, किस समय, किस डॉक्टर की डयूटी लगी है। बावजूद डॉक्टर समय पर ओपीडी में नहीं पहुंचते। जो डॉक्टर किसी वीआईपी डयूटी या आफिसल कार्य देख रहे होता है उनकी बात अलग है। फिर भी ओपीडी में जिनकी डयूटी लगी है उन्हें तो कम से कम किसी कार्य पर व्यस्त नहीं रखना चाहिए ये देखना सीएस का काम है। खबर यह भी है कि अस्पताल प्रशासन संविदा में पदस्थ डॉक्टरों की जल्द छटनी करने वाला है जिसके चलते भी डॉक्टर निराश एवं बेमन से डयूटी कर रहे हैं। इसका खामियाजा जिले के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल की अव्यवस्था के विषय में सीएस श्री कश्यप एवं सीएमएचओ डॉ0 संजय बसाक से बात करने की कोशिश की गई मगर दोनो अधिकारी हेल्थ मिनिस्टर की मिटिंग में रायपुर गए हुए थे इस वजह से दोनों से बात नहीं हो पाई जिसके चलते उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

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